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क्वाड 2.0 : भारतीय वर्चस्वता बढ़ाने में कितना मददगार

अक्टूबर का महीना और 1962 का साल। यही वो समय था जब चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने भारत पर हमला 38000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया था। आधी सदी बाद, आज फिर से वही समय आया है जब विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव चरम पर है, और सैन्य तथा राजनयिक रिश्तों में …

चीन के आगे सरेंडर मोदी सरकार!!

यह ज़रूरी नहीं कि कोई देश सैन्य मामलों में हार जाए तो ही उसे आत्मसमर्पण कहा जाएगा। आज की दुनिया ग्लोबलाइजेशन और अर्थव्यवस्था पर आधारित है और किसी देश के सुपरपावर बनने का तात्पर्य है कि वह सिर्फ सैन्य मामले में ही नहीं बल्कि आर्थिक, कूटनीतिक, सामरिक मामलों के साथ अंतरिक्ष एवं साइबर क्षेत्र में …

क्या चीन एक और नरसंहार दोहराएगा हांगकांग में?

गगनचुंबी इमारतों और आर्थिक समृद्धि में एशिया के चार टाइगर में से एक कहे जाने वाले हांगकांग में लगातार पिछले 17 हफ्तों से ये क्या हो रहा है, इसकी शुरूआत कैसे हुई और ऐसा होने के पीछे का इतिहास क्या है इसके साथ ही क्यों दुनियां को डर है कि हांगकांग में चीन तियानानमेन स्क्वायर …

कुर्दिस्तान की मांग पर क्यों फंसी हैं विश्व महाशक्तियां

जब से मिडिल ईस्ट में तेल और गैस का भंडार मिला है तब से लेकर आज तक शायद ही कोई दशक रहा हो जब मध्य एशिया और खाड़ी के देशों में स्थिरता रही हो। 1970 के दशक में जब अमेरिका ने यहां के तेल पर एकछत्र राज करने के लिए खाड़ी देशों में सुरक्षा का …

भारत के बिना 21वीं सदी और चीन की चतुराई

जिस तरह 19वीं सदी में यूरोप की अर्थवयवस्था और 20वीं सदी में अमेरिका का बोलबाला था, उसी तरह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले ग्लोबल टाइम्स कहा है कि भारत के बिना 21वीं सदी एशिया की नहीं बन सकती दुसरी ओर कश्मीर को लेकर भारत की आक्रमकता साथ ही टेंपल डिप्लोमेसी एवं सॉफ्ट …

गुटनिरपेक्ष संघ से अलग राह पर क्यों है भारत

ऐसा लगातार दूसरी बार और इतिहास में पहली बार हुआ है कि जिस देश ने इस संघ को बनाने में अपना सबसे बड़ा योगदान दिया ताकि सभी विकासशील देशों को दो महाशक्तियां की ध्रुवीकरण से बचाया जा सके, अब वही देश इस संघ से दूर होने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ऐसा आखिर क्यों …

सात दशकों का युवा गणतंत्र और गंभीर लोकतांत्रिक चुनौतियां

इस धरती का सबसे विशाल लोकतंत्र यानी भारत अपने गणतंत्र का सत्तरवां वर्ष पूरे ही देश में धूमधाम से मना रहा है दूसरी ओर विभिन्न भागों में देश की आधी जनसंख्या कुछ कानूनों और बढ़ती कट्टरता को लेकर विरोध प्रदर्शन में लगा हुआ है। इतना ही नहीं, जिस देश से हमने आजादी पाई वहां की …

अमेरिका से दूर कोरिया-जापान नयी राह पर

एक समय था जब जापान और उसकी इंपीरियल आर्मी दुनियां की सबसे घातक सेना हुआ करती थी जिसमें निंजा तकनीक से लैस लड़ाके अपने साम्राज्य की समृद्धि के लिए लड़ते थे, इसी के दम पर उन्होंने न सिर्फ रूस और चीन जैसे बड़े देशों को हराया बल्कि प्रशांत महासागर से लेकर हिन्द महासागर में अंडमान …

मोदी की मंदी में विदेश नीति का नया हथियार

ये बहुत ही आश्चर्य की बात है कि हम दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी हैं, लेकिन इस जनसंख्या की अप्रत्याशित ताकत का अहसास जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले ना तो सरकार को पता थी और ना ही विदेश नीति निर्धारकों को, क्योंकि दुनियाभर के देशों का ध्यान आकर्षित करने वाले कड़े …

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