Showing 33 result(s)

ईरान, उत्तर कोरिया का परमाणु प्रेम और विश्व को युद्ध में झोंकते ट्रंप

ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच ईरानी राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र, रूस और चीन को छोड़कर शांति बहाली के लिए भारत को मध्यस्थता करने का प्रस्ताव देकर प्रत्यक्ष रूप से भारत को भी इस विवाद के केंद्र में पहुंचा दिया है। हालांकि इस क्षेत्र में भारत सैन्य रूप से बड़ा खिलाड़ी है इसलिए यह …

श्रीलंका भी राष्ट्रवाद की चपेट में और भारत की चिंता

एक समय था जब श्रीलंका के सभी राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा में भारत ही आया करते थे लेकिन आज के बदले हुए परिदृश्य में श्रीलंका की जगह भारत के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा में श्रीलंका जाने लगे हैं, यह कूटनीति पिछले 10 सालों में बदली है जब से श्रीलंका में लिट्टे का खात्मा हुआ …

अमेरिका से दूर कोरिया-जापान नयी राह पर

एक समय था जब जापान और उसकी इंपीरियल आर्मी दुनियां की सबसे घातक सेना हुआ करती थी जिसमें निंजा तकनीक से लैस लड़ाके अपने साम्राज्य की समृद्धि के लिए लड़ते थे, इसी के दम पर उन्होंने न सिर्फ रूस और चीन जैसे बड़े देशों को हराया बल्कि प्रशांत महासागर से लेकर हिन्द महासागर में अंडमान …

गांधी के सहारे आरसीईपी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर हुआ भारत

“भारत अधिक से अधिक क्षेत्रीय एकीकरण, मुक्त व्यापार और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पालन करता है. लेकिन वर्तमान समझौते का जो प्रारूप है उसमें भारत के हितों का पूरी तरह से ख्याल नहीं रखा गया है. क्योंकि जब मैं आरसीईपी समझौते को सभी भारतीयों के हितों से जोड़कर देखता हूं, तो मुझे सकारात्मक जवाब …

ईरान पर दबाव से ट्रंप की जीत

ऐसे समय में जब कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनियां को अपने गिरफ्त में ले लिया है और इससे मरने वालों का आंकड़ा लाखों तक पहुंचने वाला है। जहां पर मानवजाति खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ़ बढ़ी जा रही है, तब ऐसे दौर में दोनों सुपरपावर …

कोरोना: अफवाह, राजनीति, कूटनीति और अर्थव्यस्था सबकुछ ख़ाक

इसे आप शुरुआत से समझिए अर्थव्यवस्था से लेकर राजनीति तक और कूटनीति से लेकर अफवाह तक ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जो इसमें तबाह न हुआ हो। सिर्फ 2 महीनों में ही इस महामारी ने सभी की जिंदगी में भूचाल ला दिया है और विश्व की 7.7 अरब जनसंख्या हाहाकार में जी रही है। लेकिन …

क्या ट्रंप राष्ट्रपति के रूप में फिर भारत आ पाएंगे!

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा ख़त्म हो चुका है और इस बात में कोई दो मत नहीं है कि ट्रंप की अधिकारिक भारत यात्रा बहुत ही सफल रही, हालांकि यह पहले से ही तय था कि जब भी ट्रंप भारत आएंगे उनके लिए हुस्टन में हुए हाउडी मोदी से बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया …

विदेशी संबंधों पर कितना असर डालेगा नागरिकता संशोधन कानून

यह बताने की जरूरत नहीं है कि देश के हालात किस तरह से खराब चल रहे हैं एक-दो राज्य नहीं पूरा भारत ही विरोध प्रदर्शन कर रहा है। असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तरप्रदेश तो जल ही रहे, साथ ही देशभर के महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों में लाठियां खाने तक विरोध हो रहे हैं।हालात संभालने की कोशिश …

क्यों खास है अफगानिस्तान-भारत की प्रत्यर्पण संधि?

अफगानिस्तान, यह दुनिया का वह देश है जिसने आधुनिक विश्व में सबसे ज्यादा समय तक युद्ध झेला है। वह भी ऐसे समय में, जब बड़े-बड़े विश्वयुद्ध और औपनिवेशिक ताकतों से छुटकारा पाने के लिए लड़ने वाले देशों के बीच भी इतनी लंबी लड़ाई नहीं हुई। पहले यह देश अपने राजनीतिक उथल-पुथल के कारण गृह युद्ध …

मोदी की मंदी में विदेश नीति का नया हथियार

ये बहुत ही आश्चर्य की बात है कि हम दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी हैं, लेकिन इस जनसंख्या की अप्रत्याशित ताकत का अहसास जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले ना तो सरकार को पता थी और ना ही विदेश नीति निर्धारकों को, क्योंकि दुनियाभर के देशों का ध्यान आकर्षित करने वाले कड़े …

error: Content is protected !!