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कुर्दिस्तान की मांग पर क्यों फंसी हैं विश्व महाशक्तियां

जब से मिडिल ईस्ट में तेल और गैस का भंडार मिला है तब से लेकर आज तक शायद ही कोई दशक रहा हो जब मध्य एशिया और खाड़ी के देशों में स्थिरता रही हो। 1970 के दशक में जब अमेरिका ने यहां के तेल पर एकछत्र राज करने के लिए खाड़ी देशों में सुरक्षा का …

ट्रम्प का अमेरिका, फर्स्ट या अंतिम में : उलझती विदेश नीति!

शुरूआत कहाँ से करें! 20 वीं शताब्दी में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे ताकतवर राष्ट्र रहे अमेरिका की या वर्तमान में 2016 के बाद से असहाय हो रहे अमेरिकी नीति से। आज दुनियाँ का कोई भी बड़ा या उभरता देश नहीं बचा जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल में सहजता से रहने दिया …

भारत के बिना 21वीं सदी और चीन की चतुराई

जिस तरह 19वीं सदी में यूरोप की अर्थवयवस्था और 20वीं सदी में अमेरिका का बोलबाला था, उसी तरह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले ग्लोबल टाइम्स कहा है कि भारत के बिना 21वीं सदी एशिया की नहीं बन सकती दुसरी ओर कश्मीर को लेकर भारत की आक्रमकता साथ ही टेंपल डिप्लोमेसी एवं सॉफ्ट …

चीन को सुरक्षा परिषद से हटाया जा सकेगा?

कोरोनावायरस को लेकर दुनिया भर में क्या चल रहा है यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी बहस यह है की दुनिया भर में इस महामारी को फैलाने और छुपाने के कारण दुनिया जो त्रासदी झेल रही है क्या उसके लिए चीन को दंड दिया जा सकता है। अभी हाल …

ईरान, उत्तर कोरिया का परमाणु प्रेम और विश्व को युद्ध में झोंकते ट्रंप

ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच ईरानी राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र, रूस और चीन को छोड़कर शांति बहाली के लिए भारत को मध्यस्थता करने का प्रस्ताव देकर प्रत्यक्ष रूप से भारत को भी इस विवाद के केंद्र में पहुंचा दिया है। हालांकि इस क्षेत्र में भारत सैन्य रूप से बड़ा खिलाड़ी है इसलिए यह …

अमेरिका से दूर कोरिया-जापान नयी राह पर

एक समय था जब जापान और उसकी इंपीरियल आर्मी दुनियां की सबसे घातक सेना हुआ करती थी जिसमें निंजा तकनीक से लैस लड़ाके अपने साम्राज्य की समृद्धि के लिए लड़ते थे, इसी के दम पर उन्होंने न सिर्फ रूस और चीन जैसे बड़े देशों को हराया बल्कि प्रशांत महासागर से लेकर हिन्द महासागर में अंडमान …

ईरान पर दबाव से ट्रंप की जीत

ऐसे समय में जब कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनियां को अपने गिरफ्त में ले लिया है और इससे मरने वालों का आंकड़ा लाखों तक पहुंचने वाला है। जहां पर मानवजाति खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ़ बढ़ी जा रही है, तब ऐसे दौर में दोनों सुपरपावर …

कोरोना: अफवाह, राजनीति, कूटनीति और अर्थव्यस्था सबकुछ ख़ाक

इसे आप शुरुआत से समझिए अर्थव्यवस्था से लेकर राजनीति तक और कूटनीति से लेकर अफवाह तक ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जो इसमें तबाह न हुआ हो। सिर्फ 2 महीनों में ही इस महामारी ने सभी की जिंदगी में भूचाल ला दिया है और विश्व की 7.7 अरब जनसंख्या हाहाकार में जी रही है। लेकिन …

क्या ट्रंप राष्ट्रपति के रूप में फिर भारत आ पाएंगे!

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा ख़त्म हो चुका है और इस बात में कोई दो मत नहीं है कि ट्रंप की अधिकारिक भारत यात्रा बहुत ही सफल रही, हालांकि यह पहले से ही तय था कि जब भी ट्रंप भारत आएंगे उनके लिए हुस्टन में हुए हाउडी मोदी से बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया …

क्यों खास है अफगानिस्तान-भारत की प्रत्यर्पण संधि?

अफगानिस्तान, यह दुनिया का वह देश है जिसने आधुनिक विश्व में सबसे ज्यादा समय तक युद्ध झेला है। वह भी ऐसे समय में, जब बड़े-बड़े विश्वयुद्ध और औपनिवेशिक ताकतों से छुटकारा पाने के लिए लड़ने वाले देशों के बीच भी इतनी लंबी लड़ाई नहीं हुई। पहले यह देश अपने राजनीतिक उथल-पुथल के कारण गृह युद्ध …

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