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ताइवान पर चीनी आक्रमण अब और करीब!

यह वास्तविक सत्य है कि इतिहास खुद को ज़रूर दोहराता है। पूरी दुनियां को त्रासदी में धकेलने के बाद अब कोरोनावायरस वापस उसी जगह पहुंच गया है जहां से उसकी शुरुआत हुई थी। हालांकि जिस भयानकता से यह पूरे चीन में फ़ैल रहा है, उससे यह संभावना फिर से प्रबल हो रही है कि अपनी …

क्वाड 2.0 : भारतीय वर्चस्वता बढ़ाने में कितना मददगार

अक्टूबर का महीना और 1962 का साल। यही वो समय था जब चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने भारत पर हमला 38000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया था। आधी सदी बाद, आज फिर से वही समय आया है जब विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव चरम पर है, और सैन्य तथा राजनयिक रिश्तों में …

चीन के आगे सरेंडर मोदी सरकार!!

यह ज़रूरी नहीं कि कोई देश सैन्य मामलों में हार जाए तो ही उसे आत्मसमर्पण कहा जाएगा। आज की दुनिया ग्लोबलाइजेशन और अर्थव्यवस्था पर आधारित है और किसी देश के सुपरपावर बनने का तात्पर्य है कि वह सिर्फ सैन्य मामले में ही नहीं बल्कि आर्थिक, कूटनीतिक, सामरिक मामलों के साथ अंतरिक्ष एवं साइबर क्षेत्र में …

क्या मोदी बना पायेंगे भारत को पी-6?

इससे पहले आप यह जाने कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताकत क्या है, और कितने बार भारत के पास इसमें शामिल के लिए मौका आया। उससे पहले आपको यह जानना चाहिए कि इसे बनाया ही क्यों गया। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में हुई अमेरिका एवं संयुक्त राष्ट्र की यात्रा से यह …

भारत के बिना 21वीं सदी और चीन की चतुराई

जिस तरह 19वीं सदी में यूरोप की अर्थवयवस्था और 20वीं सदी में अमेरिका का बोलबाला था, उसी तरह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले ग्लोबल टाइम्स कहा है कि भारत के बिना 21वीं सदी एशिया की नहीं बन सकती दुसरी ओर कश्मीर को लेकर भारत की आक्रमकता साथ ही टेंपल डिप्लोमेसी एवं सॉफ्ट …

विश्व एक नए शीत युद्ध की ओर

भारत के चाणक्य नीति की तरह चीन के झोऊ राजवंश के फौजी जनरल सून-ज़ू ने छठवीं सदी में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक द आर्ट ऑफ वॉर में यह बताया था कि किस तरह बिना लड़े ही दुश्मन को जंग में हराया जा सकता है, और आज कुछ इसी टैक्टिक्स का प्रयोग करते हुए चीनी सरकार ने …

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