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सात दशकों का युवा गणतंत्र और गंभीर लोकतांत्रिक चुनौतियां

इस धरती का सबसे विशाल लोकतंत्र यानी भारत अपने गणतंत्र का सत्तरवां वर्ष पूरे ही देश में धूमधाम से मना रहा है दूसरी ओर विभिन्न भागों में देश की आधी जनसंख्या कुछ कानूनों और बढ़ती कट्टरता को लेकर विरोध प्रदर्शन में लगा हुआ है। इतना ही नहीं, जिस देश से हमने आजादी पाई वहां की …

म्यांमार के सहारे स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का मुकाबला

फिलहाल यह वो दौर हैं जब म्यांमार पूरी दुनिया में रोहिंग्या मुसलमानों के मामले में अकेला पड़ चुका है। अमेरिका, यूरोपियन यूनियन के अलावा ना सिर्फ अधिकतर देशों ने म्यांमार के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं बल्कि उनके आर्मी चीफ मिन आंग हाइंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, और तो और 57 देशों वाले ऑर्गेनाइजेशन …

साइबर क्राइम पर बुडापेस्ट कन्वेंशन और भारत की इंटरनेट स्वायत्तता

आज के दौर का इंटरनेट यानी वह तंत्र, जिससे सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सेना, स्पेस, ख़ुफ़िया एजेंसी, पॉवर ग्रिड, अर्थव्यवस्था और अफवाहों के द्वारा किसी भी देश को बर्बाद किया जा सकता है। उदाहरणस्वरुप अमेरिका द्वारा ईरान पर किया गया साइबर अटैक ज़्यादा पुरानी बात नहीं है। लेकिन हाल ही में भारत के माननीय सुप्रीम …

ईरान, उत्तर कोरिया का परमाणु प्रेम और विश्व को युद्ध में झोंकते ट्रंप

ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच ईरानी राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र, रूस और चीन को छोड़कर शांति बहाली के लिए भारत को मध्यस्थता करने का प्रस्ताव देकर प्रत्यक्ष रूप से भारत को भी इस विवाद के केंद्र में पहुंचा दिया है। हालांकि इस क्षेत्र में भारत सैन्य रूप से बड़ा खिलाड़ी है इसलिए यह …

श्रीलंका भी राष्ट्रवाद की चपेट में और भारत की चिंता

एक समय था जब श्रीलंका के सभी राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा में भारत ही आया करते थे लेकिन आज के बदले हुए परिदृश्य में श्रीलंका की जगह भारत के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा में श्रीलंका जाने लगे हैं, यह कूटनीति पिछले 10 सालों में बदली है जब से श्रीलंका में लिट्टे का खात्मा हुआ …

कोरोना: अफवाह, राजनीति, कूटनीति और अर्थव्यस्था सबकुछ ख़ाक

इसे आप शुरुआत से समझिए अर्थव्यवस्था से लेकर राजनीति तक और कूटनीति से लेकर अफवाह तक ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जो इसमें तबाह न हुआ हो। सिर्फ 2 महीनों में ही इस महामारी ने सभी की जिंदगी में भूचाल ला दिया है और विश्व की 7.7 अरब जनसंख्या हाहाकार में जी रही है। लेकिन …

क्या ट्रंप राष्ट्रपति के रूप में फिर भारत आ पाएंगे!

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा ख़त्म हो चुका है और इस बात में कोई दो मत नहीं है कि ट्रंप की अधिकारिक भारत यात्रा बहुत ही सफल रही, हालांकि यह पहले से ही तय था कि जब भी ट्रंप भारत आएंगे उनके लिए हुस्टन में हुए हाउडी मोदी से बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया …

विदेशी संबंधों पर कितना असर डालेगा नागरिकता संशोधन कानून

यह बताने की जरूरत नहीं है कि देश के हालात किस तरह से खराब चल रहे हैं एक-दो राज्य नहीं पूरा भारत ही विरोध प्रदर्शन कर रहा है। असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तरप्रदेश तो जल ही रहे, साथ ही देशभर के महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों में लाठियां खाने तक विरोध हो रहे हैं।हालात संभालने की कोशिश …

क्यों खास है अफगानिस्तान-भारत की प्रत्यर्पण संधि?

अफगानिस्तान, यह दुनिया का वह देश है जिसने आधुनिक विश्व में सबसे ज्यादा समय तक युद्ध झेला है। वह भी ऐसे समय में, जब बड़े-बड़े विश्वयुद्ध और औपनिवेशिक ताकतों से छुटकारा पाने के लिए लड़ने वाले देशों के बीच भी इतनी लंबी लड़ाई नहीं हुई। पहले यह देश अपने राजनीतिक उथल-पुथल के कारण गृह युद्ध …

नेपाल की कम्यूनिस्ट अकड़ से चिंता में भारत

चीनी राष्ट्रपति के रूप में 23 साल में पहली बार शी जिनपिंग जब हाल ही में नेपाल के दौरे पर गए वो भी भारत का दौरा करने के बाद, तो यकीनन भारत बहुत ही सावधानी और चुपचाप तरीके से इस दौरे पर नज़र बनाए हुए था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और फिलहाल …

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