Showing 4 result(s)

क्वाड 2.0 : भारतीय वर्चस्वता बढ़ाने में कितना मददगार

अक्टूबर का महीना और 1962 का साल। यही वो समय था जब चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने भारत पर हमला 38000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया था। आधी सदी बाद, आज फिर से वही समय आया है जब विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव चरम पर है, और सैन्य तथा राजनयिक रिश्तों में …

भारत को क्या मिला मोदी के यूएस-यूएन दौरे से

वैसे तो दुनियाँभर के सभी सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें आमसभा को संबोधित किया है लेकिन किसी देश के साथ ऐसा पहली बार ही हआ है कि जब अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के भाषण के बाद उसके समस्त राजनयिकों और अधिकारियों तथा उनके परिजनों की अमेरिकी यात्रा पर नये रूप में …

गांधी के सहारे आरसीईपी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर हुआ भारत

“भारत अधिक से अधिक क्षेत्रीय एकीकरण, मुक्त व्यापार और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पालन करता है. लेकिन वर्तमान समझौते का जो प्रारूप है उसमें भारत के हितों का पूरी तरह से ख्याल नहीं रखा गया है. क्योंकि जब मैं आरसीईपी समझौते को सभी भारतीयों के हितों से जोड़कर देखता हूं, तो मुझे सकारात्मक जवाब …

मोदी की मंदी में विदेश नीति का नया हथियार

ये बहुत ही आश्चर्य की बात है कि हम दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी हैं, लेकिन इस जनसंख्या की अप्रत्याशित ताकत का अहसास जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से पहले ना तो सरकार को पता थी और ना ही विदेश नीति निर्धारकों को, क्योंकि दुनियाभर के देशों का ध्यान आकर्षित करने वाले कड़े …

error: Content is protected !!