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भारत को क्या मिला मोदी के यूएस-यूएन दौरे से

वैसे तो दुनियाँभर के सभी सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें आमसभा को संबोधित किया है लेकिन किसी देश के साथ ऐसा पहली बार ही हआ है कि जब अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के भाषण के बाद उसके समस्त राजनयिकों और अधिकारियों तथा उनके परिजनों की अमेरिकी यात्रा पर नये रूप में …

कुर्दिस्तान की मांग पर क्यों फंसी हैं विश्व महाशक्तियां

जब से मिडिल ईस्ट में तेल और गैस का भंडार मिला है तब से लेकर आज तक शायद ही कोई दशक रहा हो जब मध्य एशिया और खाड़ी के देशों में स्थिरता रही हो। 1970 के दशक में जब अमेरिका ने यहां के तेल पर एकछत्र राज करने के लिए खाड़ी देशों में सुरक्षा का …

ट्रम्प का अमेरिका, फर्स्ट या अंतिम में : उलझती विदेश नीति!

शुरूआत कहाँ से करें! 20 वीं शताब्दी में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे ताकतवर राष्ट्र रहे अमेरिका की या वर्तमान में 2016 के बाद से असहाय हो रहे अमेरिकी नीति से। आज दुनियाँ का कोई भी बड़ा या उभरता देश नहीं बचा जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल में सहजता से रहने दिया …

भारत के बिना 21वीं सदी और चीन की चतुराई

जिस तरह 19वीं सदी में यूरोप की अर्थवयवस्था और 20वीं सदी में अमेरिका का बोलबाला था, उसी तरह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले ग्लोबल टाइम्स कहा है कि भारत के बिना 21वीं सदी एशिया की नहीं बन सकती दुसरी ओर कश्मीर को लेकर भारत की आक्रमकता साथ ही टेंपल डिप्लोमेसी एवं सॉफ्ट …

गुटनिरपेक्ष संघ से अलग राह पर क्यों है भारत

ऐसा लगातार दूसरी बार और इतिहास में पहली बार हुआ है कि जिस देश ने इस संघ को बनाने में अपना सबसे बड़ा योगदान दिया ताकि सभी विकासशील देशों को दो महाशक्तियां की ध्रुवीकरण से बचाया जा सके, अब वही देश इस संघ से दूर होने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ऐसा आखिर क्यों …

चीन को सुरक्षा परिषद से हटाया जा सकेगा?

कोरोनावायरस को लेकर दुनिया भर में क्या चल रहा है यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी बहस यह है की दुनिया भर में इस महामारी को फैलाने और छुपाने के कारण दुनिया जो त्रासदी झेल रही है क्या उसके लिए चीन को दंड दिया जा सकता है। अभी हाल …

साइबर क्राइम पर बुडापेस्ट कन्वेंशन और भारत की इंटरनेट स्वायत्तता

आज के दौर का इंटरनेट यानी वह तंत्र, जिससे सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सेना, स्पेस, ख़ुफ़िया एजेंसी, पॉवर ग्रिड, अर्थव्यवस्था और अफवाहों के द्वारा किसी भी देश को बर्बाद किया जा सकता है। उदाहरणस्वरुप अमेरिका द्वारा ईरान पर किया गया साइबर अटैक ज़्यादा पुरानी बात नहीं है। लेकिन हाल ही में भारत के माननीय सुप्रीम …

ईरान, उत्तर कोरिया का परमाणु प्रेम और विश्व को युद्ध में झोंकते ट्रंप

ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच ईरानी राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र, रूस और चीन को छोड़कर शांति बहाली के लिए भारत को मध्यस्थता करने का प्रस्ताव देकर प्रत्यक्ष रूप से भारत को भी इस विवाद के केंद्र में पहुंचा दिया है। हालांकि इस क्षेत्र में भारत सैन्य रूप से बड़ा खिलाड़ी है इसलिए यह …

कोरोना: अफवाह, राजनीति, कूटनीति और अर्थव्यस्था सबकुछ ख़ाक

इसे आप शुरुआत से समझिए अर्थव्यवस्था से लेकर राजनीति तक और कूटनीति से लेकर अफवाह तक ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जो इसमें तबाह न हुआ हो। सिर्फ 2 महीनों में ही इस महामारी ने सभी की जिंदगी में भूचाल ला दिया है और विश्व की 7.7 अरब जनसंख्या हाहाकार में जी रही है। लेकिन …

क्यों खास है अफगानिस्तान-भारत की प्रत्यर्पण संधि?

अफगानिस्तान, यह दुनिया का वह देश है जिसने आधुनिक विश्व में सबसे ज्यादा समय तक युद्ध झेला है। वह भी ऐसे समय में, जब बड़े-बड़े विश्वयुद्ध और औपनिवेशिक ताकतों से छुटकारा पाने के लिए लड़ने वाले देशों के बीच भी इतनी लंबी लड़ाई नहीं हुई। पहले यह देश अपने राजनीतिक उथल-पुथल के कारण गृह युद्ध …

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