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सात दशकों का युवा गणतंत्र और गंभीर लोकतांत्रिक चुनौतियां

इस धरती का सबसे विशाल लोकतंत्र यानी भारत अपने गणतंत्र का सत्तरवां वर्ष पूरे ही देश में धूमधाम से मना रहा है दूसरी ओर विभिन्न भागों में देश की आधी जनसंख्या कुछ कानूनों और बढ़ती कट्टरता को लेकर विरोध प्रदर्शन में लगा हुआ है। इतना ही नहीं, जिस देश से हमने आजादी पाई वहां की …

म्यांमार के सहारे स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का मुकाबला

फिलहाल यह वो दौर हैं जब म्यांमार पूरी दुनिया में रोहिंग्या मुसलमानों के मामले में अकेला पड़ चुका है। अमेरिका, यूरोपियन यूनियन के अलावा ना सिर्फ अधिकतर देशों ने म्यांमार के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं बल्कि उनके आर्मी चीफ मिन आंग हाइंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, और तो और 57 देशों वाले ऑर्गेनाइजेशन …

श्रीलंका भी राष्ट्रवाद की चपेट में और भारत की चिंता

एक समय था जब श्रीलंका के सभी राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा में भारत ही आया करते थे लेकिन आज के बदले हुए परिदृश्य में श्रीलंका की जगह भारत के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा में श्रीलंका जाने लगे हैं, यह कूटनीति पिछले 10 सालों में बदली है जब से श्रीलंका में लिट्टे का खात्मा हुआ …

क्यों खास है अफगानिस्तान-भारत की प्रत्यर्पण संधि?

अफगानिस्तान, यह दुनिया का वह देश है जिसने आधुनिक विश्व में सबसे ज्यादा समय तक युद्ध झेला है। वह भी ऐसे समय में, जब बड़े-बड़े विश्वयुद्ध और औपनिवेशिक ताकतों से छुटकारा पाने के लिए लड़ने वाले देशों के बीच भी इतनी लंबी लड़ाई नहीं हुई। पहले यह देश अपने राजनीतिक उथल-पुथल के कारण गृह युद्ध …

नेपाल की कम्यूनिस्ट अकड़ से चिंता में भारत

चीनी राष्ट्रपति के रूप में 23 साल में पहली बार शी जिनपिंग जब हाल ही में नेपाल के दौरे पर गए वो भी भारत का दौरा करने के बाद, तो यकीनन भारत बहुत ही सावधानी और चुपचाप तरीके से इस दौरे पर नज़र बनाए हुए था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और फिलहाल …

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