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क्वाड 2.0 : भारतीय वर्चस्वता बढ़ाने में कितना मददगार

अक्टूबर का महीना और 1962 का साल। यही वो समय था जब चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने भारत पर हमला 38000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया था। आधी सदी बाद, आज फिर से वही समय आया है जब विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव चरम पर है, और सैन्य तथा राजनयिक रिश्तों में …

क्या मोदी बना पायेंगे भारत को पी-6?

इससे पहले आप यह जाने कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताकत क्या है, और कितने बार भारत के पास इसमें शामिल के लिए मौका आया। उससे पहले आपको यह जानना चाहिए कि इसे बनाया ही क्यों गया। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में हुई अमेरिका एवं संयुक्त राष्ट्र की यात्रा से यह …

म्यांमार के सहारे स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का मुकाबला

फिलहाल यह वो दौर हैं जब म्यांमार पूरी दुनिया में रोहिंग्या मुसलमानों के मामले में अकेला पड़ चुका है। अमेरिका, यूरोपियन यूनियन के अलावा ना सिर्फ अधिकतर देशों ने म्यांमार के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं बल्कि उनके आर्मी चीफ मिन आंग हाइंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, और तो और 57 देशों वाले ऑर्गेनाइजेशन …

श्रीलंका भी राष्ट्रवाद की चपेट में और भारत की चिंता

एक समय था जब श्रीलंका के सभी राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा में भारत ही आया करते थे लेकिन आज के बदले हुए परिदृश्य में श्रीलंका की जगह भारत के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा में श्रीलंका जाने लगे हैं, यह कूटनीति पिछले 10 सालों में बदली है जब से श्रीलंका में लिट्टे का खात्मा हुआ …

अमेरिका से दूर कोरिया-जापान नयी राह पर

एक समय था जब जापान और उसकी इंपीरियल आर्मी दुनियां की सबसे घातक सेना हुआ करती थी जिसमें निंजा तकनीक से लैस लड़ाके अपने साम्राज्य की समृद्धि के लिए लड़ते थे, इसी के दम पर उन्होंने न सिर्फ रूस और चीन जैसे बड़े देशों को हराया बल्कि प्रशांत महासागर से लेकर हिन्द महासागर में अंडमान …

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