चीन के आगे सरेंडर मोदी सरकार!!

यह ज़रूरी नहीं कि कोई देश सैन्य मामलों में हार जाए तो ही उसे आत्मसमर्पण कहा जाएगा। आज की दुनिया ग्लोबलाइजेशन और अर्थव्यवस्था पर आधारित है और किसी देश के सुपरपावर बनने का तात्पर्य है कि वह सिर्फ सैन्य मामले में ही नहीं बल्कि आर्थिक, कूटनीतिक, सामरिक मामलों के साथ अंतरिक्ष एवं साइबर क्षेत्र में …

G7 expansion or American trap!

In the era of 1973, when oil crisis arose in the world, America was in the Cold War with its biggest rival Soviet Union and India was preparing for its first nuclear test in 1974 through Smiling Buddha. At the same time, US President Richard Nixon was so intimidated by his policy of ousting Saudi …

जी7 का विस्तार या अमेरिकी जाल!

1973 का वह दौर, जब विश्व में तेल की समस्या उत्पन्न हो गई थी, अमेरिका अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंदी सोवियत संघ के साथ शीत युद्ध में था और भारत 1974 में स्माइलिंग बुद्धा के जरिए अपने पहले परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा था। उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने तेल समस्या को लेकर …

Indian Elephant dominates Chinese Dragon

After 58 years, the borders are bled again and conditions remain fragile. Since both countries do not want to go into direct war, therefore, military and diplomatic negotiations continue but China’s threat is not ending. Recently Chinese mouthpeace Global Times is saying that Pakistan and Nepal are with us and India will lose in the …

बौखलाए चीनी ड्रैगन पर हावी भारतीय हाथी

58 सालों बाद आज सीमाएं फिर से लहूलुहान हैं और स्थितियां नाजुक बनी हुई हैं। चूंकि दोनों देश प्रत्यक्ष युद्ध में नहीं जाना चाहते इसलिए बातचीत लगातार जारी है, लेकिन चीन की धमकी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। ग्लोबल टाइम्स कह रहा है कि पाकिस्तान और नेपाल हमारे साथ हैं और …

क्या चीन 400 बिलियन डॉलर से ईरान को उपनिवेश बना लेगा?

इससे पहले कि आप ईरान-चीन की इस डील के बारे में जाने, सबसे पहले आपको जानना चाहिए की जितनी ये रकम है उतना हमारे भारत की साल भर का बजट हैं 400 बिलियन डॉलर यानी लगभग 28 लाख करोड़ रुपए और आजादी के बाद से लेकर आज तक 72 सालों में हमने जितना विदेशी मुद्रा …

क्या मोदी बना पायेंगे भारत को पी-6?

इससे पहले आप यह जाने कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताकत क्या है, और कितने बार भारत के पास इसमें शामिल के लिए मौका आया। उससे पहले आपको यह जानना चाहिए कि इसे बनाया ही क्यों गया। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में हुई अमेरिका एवं संयुक्त राष्ट्र की यात्रा से यह …

क्या चीन एक और नरसंहार दोहराएगा हांगकांग में?

गगनचुंबी इमारतों और आर्थिक समृद्धि में एशिया के चार टाइगर में से एक कहे जाने वाले हांगकांग में लगातार पिछले 17 हफ्तों से ये क्या हो रहा है, इसकी शुरूआत कैसे हुई और ऐसा होने के पीछे का इतिहास क्या है इसके साथ ही क्यों दुनियां को डर है कि हांगकांग में चीन तियानानमेन स्क्वायर …

भारत को क्या मिला मोदी के यूएस-यूएन दौरे से

वैसे तो दुनियाँभर के सभी सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र के 74वें आमसभा को संबोधित किया है लेकिन किसी देश के साथ ऐसा पहली बार ही हआ है कि जब अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के भाषण के बाद उसके समस्त राजनयिकों और अधिकारियों तथा उनके परिजनों की अमेरिकी यात्रा पर नये रूप में …

कुर्दिस्तान की मांग पर क्यों फंसी हैं विश्व महाशक्तियां

जब से मिडिल ईस्ट में तेल और गैस का भंडार मिला है तब से लेकर आज तक शायद ही कोई दशक रहा हो जब मध्य एशिया और खाड़ी के देशों में स्थिरता रही हो। 1970 के दशक में जब अमेरिका ने यहां के तेल पर एकछत्र राज करने के लिए खाड़ी देशों में सुरक्षा का …

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