गुटनिरपेक्ष संघ से अलग राह पर क्यों है भारत

ऐसा लगातार दूसरी बार और इतिहास में पहली बार हुआ है कि जिस देश ने इस संघ को बनाने में अपना सबसे बड़ा योगदान दिया ताकि सभी विकासशील देशों को दो महाशक्तियां की ध्रुवीकरण से बचाया जा सके, अब वही देश इस संघ से दूर होने की कोशिश कर रहा है। लेकिन ऐसा आखिर क्यों …

चीन को सुरक्षा परिषद से हटाया जा सकेगा?

कोरोनावायरस को लेकर दुनिया भर में क्या चल रहा है यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी बहस यह है की दुनिया भर में इस महामारी को फैलाने और छुपाने के कारण दुनिया जो त्रासदी झेल रही है क्या उसके लिए चीन को दंड दिया जा सकता है। अभी हाल …

सात दशकों का युवा गणतंत्र और गंभीर लोकतांत्रिक चुनौतियां

इस धरती का सबसे विशाल लोकतंत्र यानी भारत अपने गणतंत्र का सत्तरवां वर्ष पूरे ही देश में धूमधाम से मना रहा है दूसरी ओर विभिन्न भागों में देश की आधी जनसंख्या कुछ कानूनों और बढ़ती कट्टरता को लेकर विरोध प्रदर्शन में लगा हुआ है। इतना ही नहीं, जिस देश से हमने आजादी पाई वहां की …

म्यांमार के सहारे स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का मुकाबला

फिलहाल यह वो दौर हैं जब म्यांमार पूरी दुनिया में रोहिंग्या मुसलमानों के मामले में अकेला पड़ चुका है। अमेरिका, यूरोपियन यूनियन के अलावा ना सिर्फ अधिकतर देशों ने म्यांमार के ऊपर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं बल्कि उनके आर्मी चीफ मिन आंग हाइंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, और तो और 57 देशों वाले ऑर्गेनाइजेशन …

साइबर क्राइम पर बुडापेस्ट कन्वेंशन और भारत की इंटरनेट स्वायत्तता

आज के दौर का इंटरनेट यानी वह तंत्र, जिससे सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सेना, स्पेस, ख़ुफ़िया एजेंसी, पॉवर ग्रिड, अर्थव्यवस्था और अफवाहों के द्वारा किसी भी देश को बर्बाद किया जा सकता है। उदाहरणस्वरुप अमेरिका द्वारा ईरान पर किया गया साइबर अटैक ज़्यादा पुरानी बात नहीं है। लेकिन हाल ही में भारत के माननीय सुप्रीम …

ईरान, उत्तर कोरिया का परमाणु प्रेम और विश्व को युद्ध में झोंकते ट्रंप

ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच ईरानी राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र, रूस और चीन को छोड़कर शांति बहाली के लिए भारत को मध्यस्थता करने का प्रस्ताव देकर प्रत्यक्ष रूप से भारत को भी इस विवाद के केंद्र में पहुंचा दिया है। हालांकि इस क्षेत्र में भारत सैन्य रूप से बड़ा खिलाड़ी है इसलिए यह …

श्रीलंका भी राष्ट्रवाद की चपेट में और भारत की चिंता

एक समय था जब श्रीलंका के सभी राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा में भारत ही आया करते थे लेकिन आज के बदले हुए परिदृश्य में श्रीलंका की जगह भारत के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा में श्रीलंका जाने लगे हैं, यह कूटनीति पिछले 10 सालों में बदली है जब से श्रीलंका में लिट्टे का खात्मा हुआ …

अमेरिका से दूर कोरिया-जापान नयी राह पर

एक समय था जब जापान और उसकी इंपीरियल आर्मी दुनियां की सबसे घातक सेना हुआ करती थी जिसमें निंजा तकनीक से लैस लड़ाके अपने साम्राज्य की समृद्धि के लिए लड़ते थे, इसी के दम पर उन्होंने न सिर्फ रूस और चीन जैसे बड़े देशों को हराया बल्कि प्रशांत महासागर से लेकर हिन्द महासागर में अंडमान …

गांधी के सहारे आरसीईपी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर हुआ भारत

“भारत अधिक से अधिक क्षेत्रीय एकीकरण, मुक्त व्यापार और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पालन करता है. लेकिन वर्तमान समझौते का जो प्रारूप है उसमें भारत के हितों का पूरी तरह से ख्याल नहीं रखा गया है. क्योंकि जब मैं आरसीईपी समझौते को सभी भारतीयों के हितों से जोड़कर देखता हूं, तो मुझे सकारात्मक जवाब …

ईरान पर दबाव से ट्रंप की जीत

ऐसे समय में जब कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनियां को अपने गिरफ्त में ले लिया है और इससे मरने वालों का आंकड़ा लाखों तक पहुंचने वाला है। जहां पर मानवजाति खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ़ बढ़ी जा रही है, तब ऐसे दौर में दोनों सुपरपावर …

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